चौथी दीवार चूने पर स्थापत्य लिखती है, सिंदूरी रेखा नहीं। सोमवार। कुशाभाऊ हॉल। अभियंता दिवस। डॉ. यादव। सर विश्वेश्वरैया की जयंती; चित्र पर पुष्पांजलि; दीप; वंदे मातरम्।
वाक्य: प्राचीन स्थापत्य तकनीक के साथ नये प्रयोग की प्रेरणा। उदाहरण शीट के: एलोरा कैलाश मंदिर; मंदसौर धर्मराजेश्वर; जल संरचनाएँ। मध्यप्रदेश की विरासत ने लोकतांत्रिक भवनों को प्रेरणा दी—वक्ता की पंक्ति। नुक्कड़ इसे दिल्ली के गुंबद की रसीद नहीं बनाता।
जो पाँच नाम और MoU हैं
पुरस्कार: मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया; विश्वकर्मा; विक्रमादित्य; रानी दुर्गावती पर्यावरण; राजा भोज। नाम शीट गिनती है—संभागीय प्रबंधक श्री चंदेली, श्री सेंगर, श्री मनीष शर्मा, श्री त्रिपाठी; एजेंसियाँ; ग्वालियर और सागर के संयुक्त दल; श्योपुर श्री पुष्कल प्रताप; भवन विकास निगम दल। पीडब्ल्यूडी और एम्प्री के बीच टिकाऊ अधोसंरचना MoU। 10 वर्ष के सर्कुलर का कंपेंडियम विमोचन।
मंत्री श्री सिंह: नौ माह में 85 प्रतिशत से अधिक अभियंताओं का प्रशिक्षण चार संस्थानों में। इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट—रूपरेखा तैयार। सीमेंट के बिना कंक्रीट—MoU से तकनीक “मिलेगी”। सरकारी भवन ग्रीन बिल्डिंग पर “बनेंगे”। एमपीआरडीसी अगले एक साल लगभग 2 लाख करोड़—लक्ष्य। प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह: नौ महीने में ब्लैक स्पॉट दुर्घटनाओं में तुलनात्मक कमी—संख्या शीट नहीं देती। चित्र हॉल का फ्रेम है।
मुख्य बातें
- 5 श्रेणी पुरस्कार उसी समारोह में दिए गए।
- एम्प्री MoU हस्ताक्षर की पंक्ति है, बिछी सीमेंट-रहित सड़क नहीं।
- लगभग 2 लाख करोड़ एमपीआरडीसी का अगले एक साल का वाक्य है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · गौरवशाली-प्राचीन स्थापत्य विरासत आज भी नये प्रयोग की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ↗15 सितंबर 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



