मेला बिल शहद का अकेला स्तंभ नहीं। 18 दिसंबर दोपहर तक लगभग 10 लाख से अधिक—पाठ कहता है वनोपज एवं हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियाँ। मधु आँकड़े को शहद टर्नओवर नहीं बनाती।
विंध्य हर्बल्स: शहद, च्यवनप्राश, वेलनेस किट, केश तेल, महुआ बॉडी बटर, लोशन, शैंपू, विंध्य बॉडी मसाज तेल। वन धन: महुआ लड्डू-अचार-कुकीज, कोदो-कुटकी, वनीय शहद, आंवला कैंडी, जंगली शहद। प्रभावी असर वाली प्रशंसा विज्ञप्ति की है, प्रयोगशाला शीट इस फाइल में अलग है।
ओपीडी अलग कक्ष
लगभग 100 से अधिक निशुल्क परामर्श; समय 10:30–15:00 और 15:00–20:00। प्रबंध संचालक डॉ. समीता राजोरा ने स्टार्टअप कान्क्लेव शुरू किया। 19 दिसंबर एनटीएफपी कार्यशाला अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल की उपस्थिति में प्रस्तावित थी। चित्र मेला फ्रेम का है।
मुख्य बातें
- 10 लाख+ पंक्ति औषधियों की है, केवल शहद की नहीं।
- विंध्य हर्बल्स और वन धन स्टॉल पर शहद नामित।
- ओपीडी परामर्श शहद उपचार नहीं।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · वन मेले में वनोपज एवं हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बढ़ी मांग ↗18 दिसंबर 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



